सच्चे प्यार की कहानी हिंदी में । A romantic love story of a married couple । A cute couple of short stories
कहानी का शीर्षक है :- डियर वाइफ़, डियर हस्बैंड (Part-1)
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डियर हस्बैंड–आज टी.वी. पर मैं एक प्रोग्राम देख रही थी, जिसमें लिखा था कि, शादी के तीन साल बाद हस्बैंड-वाइफ़ एक दूसरे से बोर होने लगते हैं और अपने दिल की फ़ीलिंग्स एक दूसरे से कह नहीं पाते। टी.वी. वाली साइकोलॉजिस्ट मैडम ने कहा कि ऐसी हालत में कपल्स को एक-दूसरे को चिट्ठी लिखनी चाहिए और उसमें ईमानदारी से अपनी फ़ीलिंग्स कहनी चाहिए, जो वो फ़ेस-टू-फ़ेस नहीं कह पाते।
A cute couple of short Stories(हिन्दी कहानी)
इसलिए मैंने तुमको दूसरे कमरे में लॉक कर दिया है और ख़ुद इस कमरे में लॉक हो गई हूं और अब हम अपनी-अपनी फ़ीलिंग्स एक-दूसरे को लिखेंगे। टी.वी. पर क्रिकेट देखने की कोशिश मत करना, क्योंकि मैंने केबल का तार हटाकर, फ़ोल्ड करके, लकड़ी वाली अलमारी में रख दिया है। चलो अब घ्यान से लिखो। देखो मेरी फ़ीलिंग्स ये हैं कि तुम्हें मुझसे अच्छी वाइफ़ तो सारे याद शहर में मिल ही नहीं सकती। बल्कि ये बात तो मुंह दिखाई के बाद तुम्हारी मम्मी ने ख़ुद मुझसे कही थी।
couple love story(प्यार की हिन्दी कहानी)
मुझे याद है, मैं अपना गोटेवाला लहंगा पहनने जा ही रही थी लेडीज संगीत के लिए और वो गेस्ट को विदा करके आई थीं, बोलीं, “पप्पी बेटा हमारा विकास तो न बुद्धू है वो तो तू मिल गई, अब ज़िंदगी बन जाएगी इसकी। ”
देखा बना दी न तुम्हारी ज़िंदगी और तुम्हारे मुंह से तो दो बोल फूटते ही नही हैं कि पप्पी थैंक्यू कि तू इतना काम करती है, कभी दो मिनट आराम भी कर लिया कर, की पप्पी तू बड़ी सुंदर लग रही है आज।
sweet love story
तू लाल कलर पहनाकर तुझपे सूट करता है, की भई पप्पी तू जो बैंगन का भरता बनाती है न बाईगॉड फ़ाइव स्टार कुक भी नहीं बना सकता। क्यों ऐसे दो बोल तारीफ़ के कहने में मुंह में छाले पड़ जाते हैं क्या? क्या मैं नहीं करती तुम्हारी तारीफ़? घत्त तेरी की, इस पेन की रिफ़िल को भी अभी ख़त्म होना था।
रुको… हां मिल गया दूसरा पेन, तुम न सब मर्द एक जैसे होते हो, तुम्हें न एक दिन के लिए वाइफ़ बन के देखना चाहिए, नानी याद आ जाएगी, जब आओगे ससुराल एक फ़ुट का घूंघट डालके, चल रहे होंगे, बस पैर दिखाई देंगे।
romantic love stories
ऐनी-वे माइंड मत कराना हैं… सच्ची-सच्ची सब लिखनी है अपनी दिल की बात लैटर में, लेकिन कभी बहू बन के देखना, तब फ़ील होगा और मुझे पता है, वहां बग़ल के कमरे में तुम क्या कर रहे होंगे। कोस रहे होंगे मुझे और क्या। ज्योतिषी ने कहा था कि ससुराल में राज करेगी पप्पी। यहां गुलामी करवा रहे हो मुझसे। गुलामी।
डियर वाइफ़–पप्पी तेरी न यही चीज़ मुझे पसंद नहीं आती। अब तूने टी.वी. पर किसी को कहीं कहते सुन लिया की हस्बैंड वाइफ़ को तीन साल बाद एक-दूसरे को लैटर लिखना चाहिए, तो तूने मुझे कमरे में लॉक कर दिया।
काग़ज़-पेन थमा दिया और केबल का तार निकाल दिया, भई केबल का तार निकालने की क्या ज़रूरत थी यार। यार यही है न तेरा हमेशा का लफ़ड़ा चल, मुझे सच्ची-सच्ची लैटर लिखना है न, ये ले मेरी फ़र्स्ट कम्पलेन। कोई तुझसे कुछ कह दे तो तू मान जाती है, अपनी अकल तो चलानी ही नहीं है।
प्यार मोहब्बत की कहानी हिंदी में
मिसिज़ खरबंदा ने कह दिया की दरवाज़े पर ऐंटर करते ही शीशा होना चाहिए। तो तू अकले ही ऑटो में सादिक नगर जा के, इमैजिन सादिक नगर जा के तीन हज़ार का शीशा लाने चली गई। अब गुडलक का तो पता नहीं, जो भी मेहमान आता है, उसमें पहले बाल को सेट करता है।
तू न बड़ी सीधी है, तू अभी भी वही… वो क्या कहते हैं ऑफ़िस में… बहन जी टाइप है। ओरे यार थोड़ा सा मेकप-शेकप सीख ले, एक बात कर तू जीन्स क्यों नहीं ट्राई करती। मुझे पता है पापाजी को बहुओं का जीन्स पहनना पसंद नहीं है।
लेकिन जब वो आ रहे होंगे, तू फिर से अपना साड़ी, चूड़ा पहनने लग जाना नहीं। देख डोंट माइंड तूने ही कहा था की जो दिल में आए सब बोल दो। अच्छा एक और शिकायत है मेरी पप्पी तेरे को न खाना बनाना नहीं आता, अभी तक नहीं बायगॉड।
मतलब रोज ऑफ़िस में सब लोग लंच बॉक्स खोल के बैठते हैं, मैं नहीं जाता। कह देता हूं “नहीं यार तुम लोग खाओ, मुझे अभी काम है।” बाद में खाता हूं चुपचाप। क्यों पता है? क्योंकि मैं नहीं चाहता की कोई आलू खाए और फ़ील करे की अरे विकास की वाइफ़ ने कितना नमक डाल दिया।
सब चिढ़ाते हैं की विकास तो भई अपनी वाइफ़ के बनाए हुए पकवान शेयर ही नहीं करना चाहता हमारे साथ। इसलिए कभी लंच बॉक्स ही नहीं निकालता। अब तू ही बोल कोई कढ़ी में छह चम्मच नमक डालता है क्या। किचन में टी.वी. लगा के खाना बनाएगी न तो यही होगा पप्पी।
और बताऊं–और बताऊं? तू जो मेरे लिए पैकिंग करती है न टूर पे जाने के लिए। मैं होटल में बैग खोलता हूं, तो लगता है कि या तो ख़ुद को झापड़ मार लूं या अटैची को। यार पता है कितनी मीटियों में मैं बिना मोजे पहन के गया हूं। पैंट नीचे पुश करता रहता हूं बार-बार की ताक़ी एड़ी न दिखे।…to be continued…Part-2
( कहानी अभी बाकी है मेरे दोस्त ) Click Here to Part-2> प्यार की कहानी हिंदी में
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